सनटेन (Beauty Tips For Men)
सनटेन न हो इसके लिए क्या करें-
- धूप में निकलने से पहले चेहरे पर सनस्क्रीन अवश्य लगाएं | जिससे यूवी किरणें चेहरे की त्वचा को नुकसान न पहुंचा सके |
- बाहर जाते समय चेहरे को अच्छी तरह कवर करके जाएं |
- यूवी किरणों से बालों को भी हानि न हो इसके लिए आजकल मार्केट में हेयर प्रोटेक्टर उपलब्ध है तो उनका प्रयोग कर सकते हैं|
- पानी अधिक मात्रा में पिएं जिससे शरीर में नमी बनी रहें |
- हाफ बाजू की शर्ट या धूप में शार्ट पहनने से बचे|
- नहाने से पहले दही का प्रयोग करें | दही एक बढ़िया एंटी टैनिंग ऐजेंट है त्वचा के लिए, चाहे तो दही का प्रयोग नीबू के रस के साथ भी कर सकते हैं |
सनटेन हो जाए तब क्या करें
समुचित देखभाल के बाद भी यदि सनटेन की समस्या हो जाए तो उसे दूर करने के लिए इन टिप्स का प्रयोग करें |
- आजकल मार्केट में टैनिंग दूर करने के लिए बहुत सारे प्रोडक्ट उपलब्ध हैं आप उनका प्रयोग कर सकते हैं|
- टैनिंग दूर करने के लिए चाहे तो घरेलू उपाय भी कर सकते हैं, जैसे
- संतरे के रस को योगअर्ट के साथ मिलाकर सन टैनिंग से प्रभावित भाग पर लगाएं | संतरा का हाइड्रोस्लि एसिड और विटामिन सी सन टैनिंग को जल्दी दूर करने में सहायक होता है साथ ही, योगअर्ट का लैक्टिक एसिड भी बहुत प्रभावकारी होता है |
- टैनिंग वाले हिस्से को हल्के गर्म पानी से धोएं और फ्रेश नारियल का पानी लगाएं फिर इसे सूखने दें, करीब आधा घंटे बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो दें | नियमित रूप से इसे करें कुछ ही दिनों में त्वचा पहले की तरह सामान्य हो जाएगी |
- शहद व नीबू के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाएं इससे भी टैनिंग दूर होती है| थोड़ा सा त्वचा का ध्यान रखकर आप भी खिली खिली रंगत पा सकते हैं |
क्लीनिंग
त्वचा की खूबसूरती बनी रहे इसके लिए त्वचा की भली प्रकार साफ सफाई भी आवश्यक है | जिससे स्मार्टनेस के साथ ही स्किन भी तरोताजा रहे|
- त्वचा के अनुसार ही क्लींजर का प्रयोग करें |
- एक अच्छा क्लींजर त्वचा की गहराई तक सफाई करता है| पोर्स में जो डर्ट जमा होती है उसे यह अच्छी प्रकार से साफ करता है जिससे ब्लेमिश की समस्या उत्पन्न नहीं हो पाती | बॉडी सोप का प्रयोग करने से बचें | इससे चेहरे की त्वचा और अधिक हार्ड हो जाती है, जिससे त्वचा पपड़ीदार भी हो सकती है | क्लींजर लेते समय इस बात पर ध्यान जरूर दें कि क्लींजर प्राकृतिक चीजों से ही बना हो, त्वचा के अनुरूप हो अन्यथा त्वचा को नुकसान हो सकता है|
- संवेदनशील त्वचा की क्लीनिंग करते समय ध्यान रखें कि तरीका बिल्कुल प्राकृतिक हो | जिससे त्वचा की डर्ट तो बाहर आए पर त्वचा को कोई जलन इत्यादि न हो | यदि त्वचा पर एक्ने की समस्या है तो और भी सावधानीपूर्वक क्लीनिंग करें | संवेदनशील त्वचा के लिए क्लींजर ऐसा होना चाहिए जो स्लाइस्लिक एसिड व ग्लाइकोलिक एसिड रखता हो | जिससे एक्ने की समस्या के साथ भी चेहरे की अच्छी तरह से क्लीनिंग हो सकेगी |
चेहरे को दिन में एक बार ही वाश करें
चेहरे को दिन में एक बार से अधिक बार धोने पर त्वचा रूखी हो जाती है | इसीलिए चेहरे की क्लीनिंग या तो प्रतिदिन सुबह या रात को करें पर दोनो समय बिल्कुल न करें | यह त्वचा के लिए हानिकारक है | चेहरे की क्लीनिंग के लिए गर्म पानी का प्रयोग न करें इससे त्वचा और भी रूखी हो जाती है | ठंडे पानी या हल्के गर्म पानी का प्रयोग करें | इससे त्वचा को कोई नुकसान नहीं होता |
हेयर स्पा
हेयर स्पा बालों के लिए एक अच्छा विकल्प है | इससे कई प्रकार की समस्याओं जैसे हेयर लॉस, रुसी, ड्राई बालों से राहत मिलती है | गर्मी के मौसम में तो हेयर स्पा ट्रीटमेंट से बालों की सुंदरता निखरती ही है, इसके साथ ही धूप या प्रदूषण से डेमेज हुए बाल फिर से पहले जैसे हो जाते हैं | हेयर स्पा को अगर बालों के लिए रिबर्थ कहा जाए तो कुछ गलत नहीं है | इससे बाल नरिश होते है व रिजुविनेट होते है|
क्या है हेयर स्पा ट्रीटमेंट
- हेयर स्पा ट्रीटमेंट में स्कैल्प की ऑयल मसाज की जाती है व शैपूइंग, हेयर मास्क व कंडीशिनिंग की जाती है | जिससे बाल स्वस्थ व मजबूत बनते हैं |
- सबसे पहले स्कैल्प की मसाज की जाती है|
- इसके बाद शैपू किया जाता है। इसके दरम्यान कम से कम स्केल्प की 10 मिनट तक मसाज की जाती है |
- इसके बाद कडीशिनिंग की जाती है | इसमें इसी दरम्यान 20 से 25 मिनट तक स्कैल्प की मसाज की जाती है | इसके बाद हेयर क्रीम का प्रयोग किया जाता है | जिसे हेयर की रूट से लेकर टिप तक लगाया जाता है |
- इस पूरी प्रक्रिया में सैलून में कम से कम 40 से 45 मिनट तक लगते हैं | जिस दिन आपका ऑफ हो आप उस दिन इस ट्रीटमेंट को करा सकते हैं |
- इसके बाद बालों में हेयर मास्क लगाया जाता है | इससे बालों को पोषण मिलता है |
लाभ
- चमक आती है | गहराई तक नमी बनी रहती है | हेयर फोलिक्लस व जड़ मजबूत बनते हैं | स्कैल्प को पोषण मिलता है | बालों की बढ़त में वृद्धि होती है | रिलेक्सेशन मिलता है |
- ऑयल सेक्रियेशन को सामान्य करने में सहायक है |
- मैटाबॉलिज्म को बढ़ाने में सहायता मिलती है व ब्लड सरकुलेशन बढ़ता है |
- पोर्स की डर्ट इससे बाहर निकल जाती है | डेमेज बाल रिपेयर हो जाते है |
- हेयर स्पा एक प्रकार से रिहाइड्रेटिंग थैरेपी की तरह ही है | इससे बाल स्मूथ बनते हैं | इची स्कैल्प की समस्या से राहत मिलती है |
मसाज व थैरेपी
बॉडी मसाज व थेरेपी से बॉडी तो रिलेक्स होती ही है | इससे आपकी त्वचा भी कोमल व चिकनी बनती है | इसके लिए बहुत सारी मसाज है | जिनका लाभ आप सैलून में जाकर उठा सकते हैं |
अरोमा थैरेपी
अरोमा थैरेपी से तन की खूबसूरती तो निखारती है, इससे तनाव इत्यादि से राहत मिलती है | जिससे रिलैक्स महसूस होता है | अरोमा थैरेपी में ऐसेंसशियल आयल का ही प्रयोग किया जाता है | जिससे त्वचा चिकनी व चमकदार बनती है | इससे बॉडी स्वस्थ बनती है| इसमें ऐसेंसशियल आयल जैसे लैवेंडर, जासमीन इत्यादि ऑयल का उपयोग किए जाता है | जिससे बॉडी को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता | त्वचा व रंगत खिली खिली रहती है | अरोमा थेरेपी से बॉडी स्वस्थ बनती है|
थैरेपी के अलावा इन मसाज का प्रयोग भी किया जा सकता है|
लावा शैल मसाज
यह आजकल बहुत ही लोकप्रिय मसाज है | इसमें वार्म व स्मूथ लावा शैल से बॉडी की मसाज की जाती है | इसमें कलांइट की जरूरत के अनुसार ही लावा शैल मसाज की जाती है| हाइड्रेटिंग ऑयल का प्रयोग किया जाता है |
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